चैत्र नवरात्रि की द्वितीया पर ज्येष्ठा गौरी और मां ब्रह्मचारिणी के मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। सुबह से देर रात तक माता के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर पहुंचते रहे। वहीं, शहर के दूसरे दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सोमवार को चैत्र नवरात्रि की द्वितीया पर भोर में माता के विग्रह को पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद माता के विग्रह का शृंगार हुआ। मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुले। मंदिर के महंत राजेश्वर सागर ने बताया कि ब्रह्मचारिणी मां की उपासना करने से भक्तों को अनेक सिद्धि मिलती हैं। तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार की वृद्धि होती है।