वाराणसी स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (एमपीएमएमसीसी) में अब कैंसर के मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की निगरानी की जा सकेगी। यहां जल्द ही थेराप्यूटिक ड्रग मॉनीटरिंग टेस्ट की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए कैंसर केंद्र और एचडीएफसी बैंक के बीच करार हुआ है।
बैंक की ओर से सीएसआर एक्टीविटी के अंतर्गत 1.5 करोड़ की राशि कैंसर केंद्र को दी जाएगी, इसका प्रयोग ड्रग मॉनीटरिंग टेस्ट सहित अन्य सुविधाओं को शुरू करने में किया जाएगा। एमपीएमएमसीसी और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल (एचबीसीएच) में बायोकेमेस्ट्री विभाग की प्रभारी डॉ. प्रतिभा गवेल ने बताया कि किसी भी बीमारी में मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की मात्रा की निगरानी करना बहुत जरूरी होता है। जब कैंसर का मरीज है तो इसकी भूमिका और बढ़ जाती है।
मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की मात्रा अगर कम है तो इसका प्रभाव भी कम होता है, यदि मात्रा अधिक कर दी जाती है तो इसका दुष्प्रभाव भी पड़ता है। इसलिए इस तरह की मॉनीटरिंग की जरूरत है। संस्थान के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से उत्तर प्रदेश सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इस अवसर पर बैंक के सर्किल प्रमुख मनीष टंडन, अखिलेश शुक्ला, अभिशेष सिंह, वैभव त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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