इस तरह से पृथ्वीपाल सिंह ने अपनी आय से 97 लाख 79 हजार 891 रुपये ज्यादा खर्च किए। यह रुपये पृथ्वीपाल सिंह द्वारा वैध स्त्रोतों से अर्जित आय से 21.13 प्रतिशत ज्यादा है। यह रुपये कहां से आए, इसकी पड़ताल की जा रही है।
इंस्पेक्टर चंद्रभूषण प्रजापति के अनुसार जांच में सामने आया कि पृथ्वीपाल सिंह ने वैध कमाई से ज्यादा खर्च किया। यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए पृथ्वीपाल के खिलाफ चितईपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।