-हिंसा में मारे गए मृतकों को दी गई श्रद्धांजलि, भाजपा सरकार की गई निंदा
- मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ पीड़िताओं के लिए मुआवजा मांगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। मणिपुर की घटना का विरोध तेज होता जा रहा है। शनिवार की सपा और कांग्रेस ने इसके विरोध में कैंडल मार्च निकाला और हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। समाजवादी पार्टी की महिला सभा के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष विभा पाल के नेतृत्व में महुआबाग से गांधी पार्क आमघाट तक कैंडल मार्च निकाला गया। सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने मणिपुर की घटना की निंदा की।
वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम के नेतृत्व में कार्यकर्ता आम घाट गांधी पार्क स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। जहां से कैंडल जलाकर शहर के मुख्य मार्गों से मार्च करते हुए महुआबाग चौराहे पर पहुंचे। वहां हिंसा में मारे गए मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
महिलाओं के साथ समाज को शर्मसार करने वाली घटना पर भाजपा सरकार की निंदा करते हुए सुप्रीम कोर्ट के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच, सरकारी नौकरी के साथ पीड़ित महिलाओं को पांच-पांच करोड़ रुपये मुआवजे देने की मांग की गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह से मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने और सामूहिक दुराचार के बाद सरकार की संवेदनहीनता सामने आई है, वह बेहद निंदनीय और चिंतनीय है। नेता रविकांत राय ने कहा कि सरकार को बर्खास्त कर सुप्रीम कोर्ट से जांच कराकर लोगों को न्याय दिलाना चाहिए।
अजय श्रीवास्तव ने कहा कि मणिपुर सरकार के खिलाफ भी न्यायिक जांच कर कार्यवाही होनी चाहिए। इस दौरान पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, जनक कुशवाहा, अजय सिंह, शफीक अहमद, आशुतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मणिपुर की घटना का जताया विरोध
जखनिया। सीपीएम पार्टी के शाखा सराय गोकुल की बैठक उमाशंकर प्रजापति के आवास पर विनोद गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को हुई। इस मौके पर उमा शंकर प्रजापति, विजय बहादुर सिंह ने मणिपुर की घटना को लेकर विरोध जताया। इस मौके मार्कंडेय प्रसाद, विरेंद्र गौतम, उर्मिला शर्मा, चंद्रभान शर्मा आदि मौजूद रहे।