बीएचयूः नेपाल के मधेशी छात्रों ने किया प्रदर्शन
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बराबरी का दर्जा न मिलने का विरोध करते हुए छात्रों ने हाथ में तख्तियां लेकर भारत सरकार से मधेशियों की समस्याओं का समाधान करने में मदद करने की मांग की। विश्वविद्यालय परिसर स्थित इंटरनेशनल हॉस्टल के गेट पर प्रदर्शन करने वाले छात्र जड.जित कृतीकर, अनामिका नेपाली, सितेश झा, रविराज कृतीकर, अजय चौधरी थारू, उमेश बडई आदि ने कहा कि वर्ष 2015 में आज ही के दिन नेपाल के संसद की ओर से संविधान पारित किया गया।
जहां पहाड़ के लोग इसकी खुशी में दीपोत्सव मना रहे थे वहीं मधेश में प्रशासन बबर्रता और निर्ममता के साथ मधेशियों पर गोलियां चला रही थी। नेपाल सरकार और मधेशियों के बीच जो सहमति हुआ है, उसका पूर्ण पालन कर संविधान लागू किया जाए।
एक खास वर्ग की समस्या का समाधान किया जा रहा है जबकि मधेशियों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान अनुरोध साह, शीतल वर्मा, चंदन कुशवाहा, अल्ताफ हुसैन, विनय चौधरी आदि मौजूद रहे।