वाराणसी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली के सदस्य और न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी की है। पर्यावरण में देवता का वास होता है, इसलिए इसे हमेशा स्वस्थ रखना चाहिए। वह शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विधि विभाग की ओर से आयोजित और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली (आईसीएसएसआर) की ओर से प्रायोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने वेदों और पुराणों को संदर्भित करते हुए उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय भी बताए। इस मौके पर प्रो. रंजन कुमार, विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष की पुस्तक साइबर क्राइम इन इंडिया का विमोचन भी किया गया।
विशिष्ट अतिथि अरुण कुमार शुक्ला, एडवाइजर एनएमडीसी झारखंड ने पर्यावरण प्रदूषण के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए विधि की विशेष भूमिका है।
उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण की समस्याओं पर गंभीर अध्ययन करने पर बल दिया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि राजीव गांधी राष्ट्रीय लॉ विश्वविद्यालय पंजाब के कुलपति प्रो. जयशंकर सिंह ने पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित कानूनों का विवरण देते हुए इसके निराकरण के प्रयास सुझाए। रांची विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अध्यक्ष प्रो. पंकज कुमार चतुर्वेदी, बीएचयू के प्रो. तीर्थांकर बनर्जी ने भी विचार रखे। रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण आयोजन सचिव डॉ. स्वाति ने किया।