बीएचयू में हिंदी विभाग के प्रोफेसर और कवि-आलोचक प्रो. आशीष त्रिपाठी को साल 2026 का डॉ. नामवर सिंह राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। बिहार के बेगुसराय स्थित विप्लवी पुस्तकालय के 95वें स्थापना दिवस पर यह सम्मान उन्हें प्रदान किया गया। प्रो. त्रिपाठी को प्रशस्तिपत्र, अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न और नकद धनराशि भेंट की गई। इस दौरान उन्होंने सम्मान राशि पुस्तकालय को ही समर्पित कर दी। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें किसी विश्वविद्यालय ने नहीं बनाया बल्कि कार्यशालाओं और गोष्ठियों ने उनके लेखकीय व्यक्तित्व का निर्माण किया है। इस सम्मान का श्रेय प्रो. नामवर सिंह, प्रो. कमला प्रसाद, डॉ. सेवाराम त्रिपाठी, प्रो. काशीनाथ सिंह जैसे साहित्यकारों को जाता है, जिनका सानिध्य मुझे मिला है। इससे पहले प्रो. त्रिपाठी को आलोचना के लिए स्पंदन सम्मान और कविता के लिए लक्ष्मण प्रसाद मंडलोई सम्मान मिल चुका है। प्रो. त्रिपाठी ने प्रो. नामवर सिंह की कई पुस्तकों को संपादन किया है। इसमें जमाने से दो-दो हाथ, प्रेमचंद और भारतीय समाज, हिंदी का गद्य पर्व, कविता की जमीन और जमीन की कविता, आलोचना और विचारधारा, सम्मुख, साथ-साथ, साहित्य की पहचान, आलोचना और संवाद, पूर्वरंग, जीवन क्या जिया, किताबनामा और तुम्हारा नामवर आदि शामिल हैं। उन्होंने आचार्य रामचंद्र शुक्ल रचनावली का भी संपादन किया है।