बीएचयू में नए सत्र 2024-25 से नई शिक्षा नीति को लागू हो सकती है। समिति ने विश्वविद्यालय स्तर पर इसे लागू करने के लिए जो रिपोर्ट दी थी, उस पर कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूरी दे दी गई है। 20 जनवरी को बैठक में संस्थानों के निदेशकों, संकाय प्रमुखों सहित अन्य लोगों ने अनुपालन समिति के सुझावों पर सहमति जताई है।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के फैसले के बाद शिक्षण संस्थानों में इस पर अमल करने संबंधी कार्रवाई चल रही है। बीएचयू में प्रो. मुकुल राज मेहता की अध्यक्षता में एक अनुपालन समिति का गठन किया गया था। समिति ने नई शिक्षा नीति को लेकर यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन में दर्शाए गए अलग-अलग कोर्स का भी जिक्र रिपोर्ट में किया है। बैठक में समिति के सुझावों पर सहमति और रिपोर्ट की मंजूरी के बाद इसका मिनट्स भी जारी हो गया है। इस पर कुलपति और कुलसचिव के हस्ताक्षर भी हैं। माना जा रहा है कि नए सत्र से इसे लागू करने को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से जल्द ही आधिकारिक घोषणा होगी।
बैठक में क्या हुआ फैसला
- एक सेल का गठन होगा, जो संकायों, विभागों में छात्रों को नई शिक्षा नीति के बारे में जागरूक करेगा।
- शैक्षणिक सत्र 2024 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लागू करने की दिशा में कार्रवाई होगी।
- संकाय प्रमुख नई शिक्षा नीति अनुपालन समिति के स्वीकृत सुझावों से फैकल्टी मेंबर को अवगत कराएंगे।
- समिति की सिफारिशों पर सुझाव को संकाय प्रमुख के माध्यम प्रो. मुकुल राज मेहता को भेजा जाएगा।
- चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के आधार पर सेमेस्टर वार मेजर और माइनर कोर्स पर संकायों को रिपोर्ट देनी होगी।
- विश्वविद्यालय स्तर पर केंद्रीयकृत काउंसिलिंग सिस्टम तैयार करवाया जाएगा।