बनारस की कवयित्री प्रीति जायसवाल ने साहित्य अकादमी की ओर से आयोजित एशिया के सबसे बड़े साहित्य उत्सव में काव्यपाठ किया। इस उत्सव में उड़िया, पंजाबी, उर्दू, अंग्रेजी, मणिपुरी और हिंदी भाषा के कवि शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्ष प्रख्यात उर्दू कवि और समालोचक चंद्रभान ख्याल ने की। प्रीति ने मंच से कविता में पड़ी गुलाब हूं मैं..., तुम ही कहते हो..., कहते ही रहते हो साग हूं मैं, चौलाई कहीं की... सुनाया। बनारस प्रेम को जाहिर करतीं पंक्तियां बीत जाने के बाद, सारा दिन, रात सपने में तुम्हें छुएगा बनारस.... चर्चा में रहीं।