आईएमएस बीएचयू में दो साल बाद फिर से शवों का पोस्टमार्टम शुरू करने की तैयारी है। आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार की पहल पर कागजी कार्रवाई से लेकर डीप फ्रीजर लगाने सहित तैयारियां शुरू करा दी गई हैं। शुरुआत में लंका थाने की पुलिस द्वारा लाए गए शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर रामनगर, भेलूपुर सहित अन्य थानों से आने वाले शवों का पोस्टमार्टम भी कराने की संभावना है।
बीएचयू परिसर में केएन उडुप्पा सभागार से पहले पोस्टमार्टम हाउस बनाया गया है। यहां शवों का पोस्टमार्टम कराया जाता रहा था। अक्तूबर 2021 से इसे शिवपुर में शिफ्ट कर दिया गया। अप्रैल और मई में बीएचयू में फिर से पोस्टमार्टम शुरू कराया गया था, इसके बाद एक जून से फिर से व्यवस्था शिवपुर में स्थानांतरित हो गई। दरअसल, पुलिस उपायुक्त काशी जोन आरएस गौतम ने कर्मचारियों को पार्थिव शरीर रखने और निकालने बरतने में लापरवाही पर सीएमओ को पत्र लिखा था। एक बार फिर बीएचयू में पोस्टमार्टम शुरू कराने की कवायद आईएमएस निदेशक ने शुरू की है।
लंका थाने से जुड़े शव लाए जाएंगे बीएचयू
तीन दिन पहले सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बीएचयू पहुंचकर निदेशक से मुलाकात कर पोस्टमार्टम संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली थी। इसमें लंका थाने से जुड़े शवों को ही पोस्टमार्टम के लिए लाए जाने का निर्णय हुआ है। सीएमओ ने बताया कि निदेशक से बातचीत के बाद इस दिशा में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं।
निदेशक बोले- पढ़ाई के लिए जानकारी जरूरी
आईएमएस बीएचूय के निदेशक प्रो .एसएन संखवार का कहना है कि मेडिकल के छात्रों के लिए पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी जरूरी होती है। सीएमओ के साथ ही मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और फॉरेंसिक विभाग के अध्यक्ष से भी बात की जा चुकी है। बीएचयू में पोस्टमार्टम शुरू होने से छात्रों को निश्चित तौर पर पढ़ाई के लिए शव भी मिल जाएंगे।