नदी के अस्तित्व को बचाने की कवायद शुरू, विकसित होंगे किनारे
मनरेगा के तहत होगा काम, इस साल के अंत तक होगा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। वरुणा नदी के अस्तित्व को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। नदी में पानी की कमी न हो इसके लिए किनारों पर पौधरोपण होगा। वरुणा के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले 39 ग्राम पंचायतों में नए तालाब बनाए जाएंगे। पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार होगा। इसके साथ ही वरुणा नदी के किनारों की मरम्मत और तलहटी को समतल किया जाएगा। मनरेगा के तहत यह सभी कार्य अगले हफ्ते से शुरू होंगे। बृहस्पतिवार को इस बाबत सीडीओ हिमांशु नागपाल ने आदेश जारी किया है। इस साल के अंत तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
वाराणसी में बहने वाली वरुणा नदी का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। नदी का पानी कई जगहों पर हरा और काला हो गया है। इसके प्रमुख कारण नदी में गिरने वाले नाले हैं। शासन की ओर से इन नालों को बंद कराने और नदी के पानी को साफ कराने की योजना पर काम चल रहा है। वरुणा नदी में पानी की कमी न हो इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। मनरेगा के तहत वरुणा के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले 39 ग्राम पंचायतों में नए तालाब बनाए जाएंगे। साथ ही पुराने व अस्तित्व खो चुके तालाबों का जीर्णोद्धार होगा। वरुणा के किनारों को पुन: विकसित किया जाएगा और उसकी तलहटी काे समतल किया जाएगा।
तालाब से पहले नदी के किनारों पर होगा काम
मनरेगा के तहत बरसात शुरू होने के पहले नदी कि किनारों की मरम्मत और तलहटी को समतल करने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद तालाबों के मरम्मत और नया निर्माण शुरू होगा। इस दौरान पौधरोपण भी होगा। इन कार्यों के लिए विभाग को कोई अलग से बजट नहीं मिला है। यह सभी कार्य ब्लॉक स्तर से कराए जाएंगे। ब्लॉक पर मनरेगा के बजट के तहत ही यह कार्य होंगे।
वर्जन
वरुणा नदी से सटे 39 ग्राम पंचायतों में तालाब निर्माण के साथ ही नदी के किनारों की मरम्मत और तलहटी का समतलीकरण कराया जाना है। सभी काम मनरेगा के तहत किए जाएंगे। इस साल के अंत तक सभी कार्य पूरे होंगे। - हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी