फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BHU: हृदय रोग विभाग में खाली बेडों पर PMO ने मांगी रिपोर्ट, सीएमओ को एक मार्च तक का अल्टीमेटम

Tue, 21 Feb 2023 09:59 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने इस समस्या को लेकर आवाज उठाई थी। ट्विटर व माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय समेत अन्य जगहों पर शिकायत की थी। अब मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब मांगा गया है। 
 
विज्ञापन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीएचयू अस्पताल के हृदय रोग विभाग में खाली बेडों पर मरीजों को भर्ती करने के मामले में कोई फैसला नहीं हो सका। इससे संकट बरकरार है। इस मामले का संज्ञान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लिया है। इसकी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी से तलब की है। जिलाधिकारी ने अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से एक मार्च तक जवाब मांगा है।  

विज्ञापन

  हदय रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक मरीज वाराणसी व पूर्वांचल के अन्य जिलों से आते हैं। कैथ लैब में मरीजों की सर्जरी भी की जाती है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक व बीएचयू अस्पताल में मिलाकर कुल 86 बेड हैं, लेकिन 45 बेडों पर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 41 बेड खाली पड़े हैं। तमाम मरीज व उनके तीमारदारों को रोजाना लौटाया जा रहा है। सोमवार को भी वार्ड के सारे बेड खाली मिले हैं। दरअसल, पूरा मामला आपसी खींचतान का है। इस कारण हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचआईएमएस) में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के 41 बेडों की जानकारी नहीं अपलोड की गई। इस वजह से खाली बेडों की जानकारी नहीं मिल पाती है।  

विभागाध्यक्ष ने उठाई आवाज
बीएचयू हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने इस समस्या को लेकर आवाज उठाई थी। ट्विटर व माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय समेत अन्य जगहों पर शिकायत की थी। अब मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब मांगा गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला
एक नजर में
सर सुंदरलाल अस्पताल  45
सामान्य वार्ड                31
सीसीयू                       14

शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी -41
सामान्य वार्ड       24
सीसीयू               17

अस्पताल प्रशासन को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। लिहाजा, सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। न चाहते हुए भी तमाम मरीजों को वापस करना पड़ता है। इस समस्या का जल्द समाधान हो तो मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। - प्रो. ओमशंकर, विभागाध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, बीएचयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें