इसके बाद राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से किसानों के खतौनी आदि सत्यापन करते हुए लैंड सीडिंग की गई। इसमें 18 हजार किसान भूमिहीन मिले जो भूमि नहीं होने के बावजूद किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। इसके अलावा पांच हजार किसान मृतक भी मिले थे। कुल 3.07 लाख किसानों का डाटा अपडेट हो चुका है लेकिन 1.5 लाख किसानों ने अबतक भूलेखों का सत्यापन नहीं कराया है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि ऐसे में इन किसानों की किस्त पर ब्रेक लग सकता है।