लखनऊ/ वाराणसी। काशी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में गोबर धन योजना के तहत शहंशाहपुर में 90 मीट्रिक टन की क्षमता का प्लांट लगेगा। इसके तहत किसानों से गोबर खरीदकर प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। फरवरी 2018 में मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने किसानों से आह्वान किया था। जिसके बाद से इस योजना पर काम तेज हुआ है। डीएम कौशलराज शर्मा ने बताया कि इसके जरिए गोबर से बनने वाले मीथेन गैस को सीएनजी में कंवर्ट किया जाएगा। इसे ईधनों के इस्तेमाल के रूप में बेचा जाएगा। मुख्य सचिव आरके तिवारी की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई बैठक में तय हुआ कि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति निगरानी करेगी। जबकि जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गोबर धन सेल होगा। जो पूरी संचालन को देखेगी। योजना का संचालन पंचायती राज निदेशालय करेगा। इसके लिए पंचायती राज निदेशालय को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।
योजना के मुख्य फायदे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट, रसोई घर के कचरे आदि को कम्पोस्ट, बायोगैस व बायो सीएनजी में बदलने का लक्ष्य।
- गोबर धन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में मदद।
- बायोगैस से खाना पकाने और लाइटिंग के लिए ऊर्जा मिल सकेगी।
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा।