फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मन को कृष्ण के चरणों में लगाएं : डॉ. संजय कृष्ण

विज्ञापन
विज्ञापन
कथा मर्मज्ञ डॉ. संजय कृष्ण सलिल ने कहा कि राजा उत्तानपाद की दो पत्नियां थीं। सुरुचि और सुनीति। सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम और सुनिति के पुत्र का नाम ध्रुव था। ध्रुव पांच वर्ष के बालक थे। महल में खेलते खेलते अपने पिता की गोद में बैठना चाहते थे। सौतेली मां सुरुचि ने हाथ पकड़ के धक्का दे दिया और कहा तुम्हारा स्थान पिता की गोद नहीं। तू नारायण का भजन कर तुम्हें परमात्मा की गोदी मिल जाएगी। इससे आहत हो ध्रुव ने नारायण की कठोर तप कर दुर्लभ ध्रुवलोक की प्राप्ति की। रथयात्रा स्थित कन्हैया लाल गुप्ता भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को श्रीधाम वृंदावन से आए कथाव्यास ने कहा कि मन को कृष्ण के चरणों में लगा देना चाहिए। कथाव्यास ने गजेंद्र मोक्ष, बलि वामन चरित्र और भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का सुंदर वर्णन किया। कथा श्रवण करने समाजसेवी अशोक गुप्ता, विकास भावसिंघका, अजय, संदीप कुमार, चरणजीत पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें