सोनभद्र। निकाय चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए डीएम ने आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने की हिदायत दी है। उन्होंने मतदान केंद्र की दीवारों पर किसी भी तरह की प्रचार सामग्री को तत्काल हटवाने का निर्देश दिया है। बूथ के अंदर अगर किसी प्रत्याशी या उसके चुनाव निशान को चित्रित किया गया हो उसे तत्काल मिटवाने को कहा गया है। बूथ से सौ मीटर की दूरी पर ऐसे चुनाव निशान, नाम या प्रत्याशी के प्रचार से संबंधित सामग्री नहीं होनी चाहिए।
मतदान के लिए ज्यादातर विद्यालयों को बूथ बनाया गया है। कई स्थानों पर विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई के लिए हिंदी व अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों के साथ उनसे संबंधित चित्र भी बनवाए गए हैं। कहीं दीवारों पर अ से अनार चित्रित किया गया है तो कहीं क से कमल या किताब की तस्वीर बनी है। इसी तरह छड़ी, छाता, नल, पंखा, सितारा आदि निशान भी बनाए गए हैं। कई विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत तरह-तरह के चित्रों को उकेरा गया है। इसमें प्रत्याशियों के चुनाव निशान या उससे मिलते-जुलते चित्रों को डीएम ने तत्काल हटवाने को कहा है। सेक्टर मजिस्ट्रेट व पीठासीन अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
मतदान स्थल की 100 मीटर की परिधि में अगर कोई उम्मीदवार या किसी दल के प्रचार प्रसार के नारे या पोस्टर, चिह्न और बैनर आदि हो तो उन्हें साफ/हटवाकर जब्त कर लिया जाए और मतदान के दिन ऐसे किसी चिह्न नारे, पोस्टर, फोटो चित्र या बैनर का प्रदर्शन इस परिधि में न करने दिया जाए जिसका संबंध किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल से हो। मतदान स्थल और उसके 100 मीटर की दूरी के अंदर प्रबंध की पूरी जिम्मेदारी पीठासीन अधिकारी की होगी। सुरक्षा में तैनात की गई पुलिस उसके नियंत्रण में रहेगी।
सौ मीटर के अंदर नहीं लगा सकेंगे टेंट
डीएम ने बताया कि किसी उम्मीदवार को अपना कोई निर्वाचन बूथ स्थापित करने की अनुमति सौ मीटर के अंदर नहीं दी जाएगी। सौ मीटर की परिधि के बाहर मतदाताओं को पहचान पर्चियां वितरित करने के निमित्त वह अपने अभिकर्ताओं और कार्यकर्ताओं के उपयोग के लिए एक मेज और दो कुर्सियों के साथ एक छाता या तिरपाल का एक टुकड़ा लगा सकते हैं। इन मेजों के चारों ओर भीड़ एकत्र नहीं होने देना चाहिए। मतदान स्थल के अन्दर बीड़ी, पान, गुटका, पानी की बोतल, मोबाइल आदि ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।