होमी भाभा कैंसर अस्पताल में कार्यशाला का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र की ओर से शनिवार को आयोजित काॅन्फ्रेंस में फेफड़े के कैंसर की जांच पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने फेफड़े के कैंसर वाले मरीजों की जांच में सरकारी और निजी अस्पतालों में काम करने वाले फिजिशियनों की अहम भूमिका बताई।
काॅन्फ्रेंस का उद्घाटन महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान, एसोसिएट प्रोफेसर एवं कॉन्फ्रेंस के आयोजक डॉ. मयंक त्रिपाठी, डॉ. अजय चौबे ने किया। इस दौरान वाराणसी और आसपास के जिलों से आए डॉक्टरों को फेफड़े के कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताया गया, ताकि इलाज के लिए आने वाले फेफड़े के कैंसर पीड़ितों की समय रहते पहचान हो सके।
खांसी आना, खांसी के दौरान खून आना, वजन कम होना सांस लेने में तकलीफ होना इस कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। डाॅ. त्रिपाठी ने बताया कि फेफड़े का कैंसर दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। समय रहते बीमारी का पता चलने पर काफी हद तक न केवल इसे नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि संबंधित मरीज को इस बीमारी से छुटकारा भी मिल सकती है। डॉ. अजय चौबे ने बताया कि इलाज के लिए ज्यादातर मरीज देरी से आते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है।