महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दर्शन विभाग की ओर से ओरिएंटेशन लेक्चर सीरीज में दर्शन और योग पर दो दिन चर्चा की गई। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि दर्शन और योग न केवल भारतीय परंपरा की आत्मा है, बल्कि वर्तमान वैश्विक समाज की आवश्यकता भी है। कुलपति ने कहा कि आज के दौर में जब पूरा विश्व मानसिक तनाव और शारीरिक असंतुलन से जूझ रहा है, ऐसे समय में दर्शन का चिंतन और योग की साधना मानव जीवन को स्थिर, संतुलित और समग्र विकास की दिशा प्रदान कर सकते हैं। बीएचयू दर्शन और धर्म विभाग की डॉ. श्रुति मिश्रा ने योग दर्शन की प्रासंगिकता और व्यावहारिक महत्व के बारे में बताया। कहा कि योग केवल साधना नहीं बल्कि जीवन जीने का विज्ञान है, जो व्यक्ति को आत्म-नियंत्रण, मानसिक शांति और नैतिक शक्ति प्रदान करता है। इस दौरान छात्राओं ने योगासन की प्रस्तुति दी। स्वागत दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक प्रो. नंदिनी सिंह, संचालन डॉ. संतोष कुमार सिंह, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. पितांबर दास ने किया।