विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट अर्चना रानी की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में एक बदमाश को तीन वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक राम सुभग यादव ने बीजपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि डोडहर निवासी अशर्फीलाल का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह लीडर है। उसके गांव का ही शेरू धरिकार उस गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसके विरुद्ध चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमा विचाराधीन है। लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ के लिए कार्य करना उसका एकमात्र कार्य है। यही वजह है कि उसके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने या गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। इसकी वजह से उसका वर्चस्व कायम है। इस तहरीर पर 13 जनवरी 2014 को बीजपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता गैंगस्टर कोर्ट धनंजय शुक्ला ने बहस की।