भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) सर्वे को निरस्त करने की मांग प्रबल होने लगी है। विपक्षी पार्षद हो या सत्ता रूढ़ पार्षद सभी गृहकर की गड़बड़ियों की शिकायत लेकर आए लोगों से रोजाना रूबरू हो रहे हैं।
भाजपा पार्षद राजेश चल्लू ने बताया कि उनके क्षेत्र में 500 से अधिक लोगों के गृहकर के बिल में गड़बड़ियां हैं। जिसे सुधरवाने के लिए लोग घर पर आ रहे हैं। उन्हें नगर निगम में आपत्ति करने के बारे में बताया जा रहा है। वहीं, सपा पार्षद हारुन अंसारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में 300 से अधिक लोगों के गृहकर बिल में गड़बड़ियां हैं। जिसे सुधरवाने के लिए आपत्ति कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सदन में यह घोषणा की गई कि यदि नगर निगम के अधिकारी एक माह में गड़बड़ी दूर नहीं करेंगे तो जीआईएस सर्वे को निरस्त किया जाएगा।
किसी का छह गुना तो किसी का दोगुना आया बिल
भेलूपुर क्षेत्र के एक भवन स्वामी का गृहकर का बिल हर साल 5000 रुपये आता था। इस बार उनका बिल 30 हजार आया। इस पर उन्होंने आपत्ति की तो उन्हें बताया गया कि आपका चार तल का मकान है। पहले दो तल का था। इस पर भवन स्वामी ने कहा कि पहले उनका दो तल का मकान था। इस दौरान 5000 रुपये का बिल आया। अब तीन तल का मकान हो गया है। इस हिसाब से 7500 का बिल आना चाहिए। जबकि 30 हजार का बिल आया है। इसी प्रकार लल्लापुरा क्षेत्र के भवन स्वामी का बिल पहले 4000 रुपये आता था। इस बार उन्हें 8000 का बिल भेजा गया है। उन्होंने भी बिल को सुधारने के लिए नगर निगम में आवेदन किया है।
-जीआईएस से जुड़ी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए भवन स्वामी लिखित आपत्ति कर सकते हैं। उनकी आपत्तियों की जांच कराने के बाद उनका बिल दुरुस्त कराया जाएगा।-शिपू गिरि, नगर आयुक्त