बलिया में आंधी और बारिश से गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्य मंडल के ज्यादातर जिलों में बुधवार को बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। कुछ जिलों में बारिश भी हुई। बलिया और आजमगढ़ में कई जगह पेड़ गिर गए और घरों और दुकानों के टिन शेड उड़ गए। इनसे हुई घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए।
बलिया में दोपहर बाद आंधी के साथ बारिश हुई। इससे कई जगह पेड़ गिर गए और घरों व दुकानों के टिन शेड उड़ गए। शहर कोतवाली के पौहारीपुर के पास नीम का पेड़ गिरने से बाइक सवार सुखपुरा थानाक्षेत्र के भलूही के हैपी (17) और मनोज (24) की मौत हो गई। आजमगढ़ के बैलाकोल गांव में नीम का पेड़ गिरने से महराजी देवी (75) की मौत हो गई। जौनपुर के नेवढ़िया में आंधी में छप्पर उड़ने के साथ बिजली के तार टूट गए।
इससे कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मऊ धूल भरी आंधी के साथ 20 मिनट तेज बारिश हुई। भदोही, सोनभद्र, मिर्जापुर में तेज हवा चलने के साथ बदली छाई रही। वाराणसी में सुबह बदली के बाद दोपहर बाद धूल भरी आंधी चली। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं का दबाव इसकी मुख्य वजह है। बनारस समेत पूर्वांचल के कुछ जिलों में एक दो दिन बूंदाबांदी के आसार हैं।