स्टेशन पर तीसरे नंबर का प्रवेश द्वार बनाया जाना है। यहीं से प्लेटफार्म नंबर दस और ग्यारह बनाया जा रहा है। इस रेलवे लाइन को प्लेटफार्म पांच से भी जोड़ दिया जाएगा। यहीं से प्रयागराज और प्रतापगढ़ रूट की ट्रेनें चलेंगी। इसके लिए एफओबी बनकर तैयार भी हो गया है।
वाराणसी सिटी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर से सभी प्लेटफार्मों का जुड़ाव होगा। वाराणसी यार्ड में प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जा रही है। इससे अब लंबे कोच (25 कोच) की भी ट्रेनें खड़ी हो सकेंगी। इसके पहले कुछ ही प्लेटफार्म पर लंबी ट्रेनें (अधिक कोच वाली) ही खड़ी हो पाती थी, जिसके कारण यात्रियों को भी परेशानी होती थी। इसी तरह बनारस स्टेशन, प्लेटफार्म एक से चार तक की लाइनों का प्लेटफार्म संख्या छह से नौ तक के लाइनों का शिवपुर से सीधा जुड़ाव होगा।
शिवपुर की ओर से गुड्स बाईपास लाइन का निर्माण स्टेशन के दूसरी छोर से किया जा रहा है, जिससे यार्ड के माध्यम से क्रास मूवमेंट कम होगा। साथ ही शिवपुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर जाने वाली सभी मालगाड़ियां निकल जाएंगी। वहीं, यात्री गाड़ी के रखरखाव के लिए दो नई वाशिंग लाइन बनाई जा रही है। साथ ही चार सिक लाइन पिट भी बनाई जा रही है। इससे ट्रेनों में आई खराबी को भी ले जाकर ठीक किया जा सकेगा।
स्टेशन के री-मॉडलिंग का काम चल रहा है। सभी कार्यों की प्रगति बहुत अच्छी है। हम 31 मार्च तक सभी कार्य पूर्ण कर लेंगे। इससे स्टेशन में रेल प्रणाली और बेहतर हो जाएगी। इससे यात्रियों को लाभ होगा। - गौरव दीक्षित, स्टेशन निदेशक, कैंट