भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में सप्ताह भर चले पार्थेनियम (गाजर घास) उन्मूलन और जागरूकता कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को इस हानिकारक खरपतवार से होने वाले खतरों और इसके नियंत्रण के तरीकों के बारे में शिक्षित करना था। कार्यवाहक निदेशक डॉ. नागेंद्र राय ने बताया कि यह घास फसलों की पैदावार को 35 से 45 प्रतिशत तक कम कर सकती है। इसके परागकण से सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। डॉ. राय ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। संस्थान के शोध क्षेत्र में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सिद्धार्थ कुमार सिंह की देखरेख में एक सामूहिक श्रमदान अभियान भी चलाया गया।