बीएचयू के भोजपुरी अध्ययन केंद्र में भोजपुरी लोकगीत और चित्रकला : पाठ, गायन और चित्रांकन विषय पर लोकगीतों पर आधारित एक विशेष चित्रशाला हुई। तूलिका, रंग और कैनवास के माध्यम से लोकजीवन और लोकगीतों को कलाकारों ने अद्भुत रूप से जीवंत कर दिया। यह चित्रशाला बलदाऊ वर्मा और डॉ. सुनील कुमार पटेल के संयोजन में हुई। अभिनव मौर्या, सोनाली सिंह, साक्षी गुप्ता, शैविक राय, अक्षत कुमार सिंह, जय गुप्ता, आशीष विश्वकर्मा, सुनील कुमार और दिव्यानी राय आदि युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मक तूलिकाओं से लोक संस्कृति को रंगों में ढाला। इन चित्रों की प्रदर्शनी भोजपुरी अध्ययन केंद्र की गैलरी में लगाई जाएगी। 17 से 23 नवंबर तक सात दिन की दूसरी चित्रशाला होगी।