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Varanasi News: फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र की ओरिजिनल कॉपी जांच में बनी बाधा

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वाराणसी। रियल इस्टेट सेक्टर की फर्म विनायक ग्रुप के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज मुकदमे की जांच में 85 दिन बाद भी कोई प्रगति नहीं है। मुकदमे के वादी वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के अफसर विनायक ग्रुप के वरुणा गार्डेन प्रोजेक्ट के फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र की ओरिजिनल कॉपी पुलिस को नहीं दे पा रहे हैं। लिहाजा, जांच जस की तस थमी हुई है। यह हाल तब है, जब आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के स्तर से विनायक ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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वीडीए के जोनल अधिकारी प्रकाश कुमार की तहरीर के आधार पर 18 अक्तूबर 2023 को कैंट थाने में विनायक ग्रुप के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि विनायक ग्रुप के वरुणा गार्डेन प्रोजेक्ट का पूर्णता प्रमाण पत्र फर्जी है। पूर्णता प्रमाण पत्र से संबंधित कोई पत्रावली वीडीए में उपलब्ध नहीं है। इस मुकदमे की विवेचना कैंट थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार पांडेय कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वादी ने कागजात उपलब्ध कराए थे, लेकिन वह जांच के लिए पर्याप्त नहीं है। फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र की ओरिजिनल कॉपी हमें नहीं दी गई। उसकी ओरिजिनल कॉपी मिले तो हस्ताक्षर का मिलान कराकर जांच आगे बढ़ाएं। वीडीए से दोबारा पत्राचार किया गया है। कहा गया कि वह पूरा ब्योरा दें कि संबंधित प्रोजेक्ट की जमीन किसकी है, कितने पार्टनर हैं, निर्माण के लिए बिल्डर एग्रीमेंट हुआ था या खुद बनवाया गया था। वरुणा गार्डेन प्रोजेक्ट से संबंधित पूरी फाइल का मुआयना कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
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