आदि विश्वेश्वर के दर्शन-पूजन और राग-भोग को लेकर दाखिल अर्जेंट वाद को ट्रांसफर करने संबंधी आवेदन पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद आदेश के लिए जिला जज की अदालत ने 17 अक्तूबर की तिथि नियत की है। ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए उसके दर्शन-पूजन के लिए यह वाद शैलेंद्र योगीराज की तरफ से अधिवक्ता एसके दूबे और भूपेंद्र सिंह ने दाखिल किया है। मांग की गई है कि अधिवक्ता आयुक्त के सर्वेक्षण के दौरान मिले आदि विश्वेश्वर की पूजा-अर्चना और राग-भोग का अधिकार तुरंत दिया जाए।