साल 2018 से जिला अस्पताल में नही है कोई हृदय रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन को दिया गया है प्रशिक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी मऊ। मौसम में आए दिन हो रहे उतार-चढ़ाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं, इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। मौसम बदलने से हृदय, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर के रोगियों की समस्या बढ़ रही है। साथ ही त्वचा संबंधी बीमारियों, पेट दर्द, उल्टी-दस्त व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में इन दिनों हृदय, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर के 50 से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए आ रहे हैं, जिनका फिजिशियन उपचार कर रहे है। विशेषज्ञ नहीं होने से कुछ मरीज निजी अस्पताल में भी उपचार करा रहे हैं। 2018 से जिला अस्पताल में कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है, ऐसे में विशेष प्रशिक्षण देकर फिजिशियन ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। समय-समय पर मौसम में हो रहे बदलाव से डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल भी बढ़ रहा है तो वहीं, हृदय रोगियों की दिल की धड़कनें भी तेज हो रही हैं। ब्लड प्रेशर में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलने लगा है। डॉ. शैलेष ने बताया कि कुछ मरीजों का शुगर लेवल 250 मिल रहा है जो उच्च स्तर का संकेत है। दवाओं का सेवन न करने से ऐसा होता है। कई मरीजों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या मिल रही है। साथ ही हृदय रोग से पीड़ित मरीजों की दिल की धड़कन सामान्य से अधिक तेज मिल रही है। बताया कि गर्मी में तली हुई व बासी खाद्य पदार्थ से बचना चाहिए। हल्का खाना खाएं, छाछ, दही, फलों का सेवन करना चाहिए। डायरिया होने पर तत्काल इलेक्ट्रोलाइट्स और ओआरएस का प्रयोग करें।
जिला अस्पताल में चिकित्सक चेंबर के बाहर इंतजार करते मरीज। संवाद