- यूपीआरटीओयू में नई एकेडमिक व्यवस्था लागू
- पीजी छात्रों को अब नहीं करना होगा प्रोजेक्ट वर्क
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) में नई एकेडमिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब विद्यार्थियों को साल में दो बार परीक्षा नहीं देनी होगी। सेमेस्टर सिस्टम को खत्म कर वार्षिक परीक्षा की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पीजी के छात्रों को अब प्रोजेक्ट के बजाय असाइनमेंट जमा करना होगा।
यूपीआरटीओयू के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर स्थित सेंटर में एमबीए-एमसीए में छात्र अब सीधे प्रवेश ले सकते हैं। सभी कोर्स के लिए एडमिशन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है। वाराणसी समेत आसपास के सात जिलों में कुल 250 सेंटर हैं। इसमें कुल 13 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।
यूपीआरटीओयू के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. एस के सिंह ने बताया कि छात्रों की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए सेमेस्टर सिस्टम को खत्म किया गया है। जुलाई 2024 सत्र से छात्रों को साल में केवल एक ही बार परीक्षा देनी होगी। बेवजह का स्ट्रेस छात्रों पर नहीं डालना है। यूजीसी से डिस्टेंस मोड के छात्रों के लिए नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सेमेस्टर प्रणाली से छूट देने की अनुमति ले ली गई है।
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पीजी में प्रोजेक्ट वर्क खत्म
छात्रों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए जुलाई सत्र से पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में प्रोजेक्ट वर्क को समाप्त करते हुए केवल छात्रों को पेपर वाइज असाइनमेंट जमा करने पड़ेंगे।
एप से मिलेगी कोर्स और बाकी जानकारियां
छात्रों की सुविधाओं को बढ़ाते हुए एकलव्य एप लॉन्च किया गया है। इसे छात्र अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर विश्वविद्यालय और अपने कोर्स व बाकी डिटेल जान सकते हैं।