वाराणसी। महाकुंभ के पलट प्रवाह को देख एक पखवारे से डायवर्जन और नो एंट्री है। जिले के औद्योगिक इकाइयों और कुटीर उद्योगों में कच्चे माल की आवक ठप है। मैदागिन, चौक और गोदौलिया में सिर्फ होटल, रेस्टोरेंट को छोड़ दिया जाए तो सभी दुकानों की हालत खराब है। बनारसी वस्त्रों, पीतल बर्तन, दवा, सराफा, साज-श्रृंगार, जनरल मर्चेंट समेत अन्य कई कारोबार प्रभावित हैं। उद्यमियों के अनुसार, करखियांव एग्रो पार्क, चांदपुर औद्योगिक अस्थान, रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में 1200 इकाइयों में कच्चे माल की कमी है, जिससे ऑर्डर दे पाना मुश्किल हो रहा है। इससे पूंजी भी फंसी हुई है। लघु उद्योग भारती काशी प्रांत के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि फिनिश मटेरियल डंप हो गया है, इससे उद्यमियों और सरकार को नुकसान पहुंचा है। कच्चे माल की कमी के कारण फैक्ट्री बंद होने से लेबर बेरोजगार हैं, लेकिन फैक्ट्री के खर्च, बैंक का ब्याज बंद नहीं हुआ है। जिलाध्यक्ष ज्याेति शंकर मिश्रा ने बताया कि दर्शनार्थियों की भीड़ के कारण चौक के दुकानदार खुद अपनी दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जो धक्का-मुक्की कर दुकान पर पहुंच रहे हैं तो ग्राहक के इंतजार में बैठे हैं। चौक क्षेत्र में साड़ी की अधिकतर दुकानें पिछले हफ्ते भर से पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही हैं।