संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में योग, कर्मकांड, ज्योतिष और अर्चक समेत 10 विषयों का ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा है। तीन महीने के सर्टिफिकेट और छह महीने के डिप्लोमा पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। सभी 10 विषयों के पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय प्रोफेसरों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुलसचिव केशलाल ने बताया कि कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी के आदेश पर ऑनलाइन संस्कृत पाठ्यक्रम को वर्तमान सत्र से शुरू करना है। इसमें त्रैमासिक और छमाही पाठ्यक्रम संचालित होंगे। इसके जरिए भाषा शिक्षण, अर्चक, कर्मकांड, ज्योतिष एवं कुंडली विज्ञान, वास्तु विज्ञान, वेद, योग, दर्शन, व्याकरण और वेदांत के पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। 27 जुलाई को दस विषयों के त्रैमासिक व छमाही पाठ्यक्रम तैयार कर पीपीटी फॉर्मेट में कुलपति को दिया जाएगा। इसमें डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. विजेंद्र शर्मा, प्रो. महेंद्र पांडेय, डॉ. राजा पाठक व मधुसूदन मिश्र, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, डॉ. दिव्य चेतन ब्रह्मचारी व डॉ. विजेंद्र आर्य और प्रो. सुधाकर मिश्र को शामिल किया गया है। सभी से अपने-अपने पाठ्यक्रम के 15-15 विद्वानों के नाम भी मांगे गए हैं।