Pratapgarh News : यूपी पुलिस।
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वाराणसी से झारखंड ले जाया गया था बाहुबली
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि शिखा मोदनवाल के कहने पर बाहुबली को संतोष, विनय और शिवम ने अगवा किया था। बच्चे को अगवा कर तीनों उसे शिखा मोदनवाल के पास ले गए। शिखा ने बच्चे को झारखंड के हजारीबाग जिले के कटमकम सांडी थाना के लुपुंग की रहने वाली और तिलैया कोडरमा स्थित एक नर्सिंगहोम में नर्स का काम करने वाली अनुराधा देवी को दिया। अनुराधा देवी के नर्सिंगहोम में कुलदीप पासवान अपनी पत्नी का उपचार कराता था। अनुराधा ने कुलदीप को कहा कि किसी को बच्चा चाहिए तो बताना। कुलदीप ने लड़के के लिए लालायित अपने परिचित नंदलाल को यह बात बताई तो वह तैयार हो गया। अनुराधा देवी ने साढ़े तीन लाख रुपये लेकर बाहुबली को नंदलाल को सौंप दिया। इसके बाद नंदलाल के घर में बाहुबली उसके बेटे के जैसे रहने लगा।
चौकाघाट से अगवा की गई बच्ची बरामद करना बाकी
शिखा मोदनवाल ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि वह चौकाघाट क्षेत्र में सड़क किनारे रहने वाले एक परिवार की बच्ची को अगवा कर बेची थी। बच्ची के परिजनों ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। अब उसी बच्ची को बरामद करना बाकी रह गया है। शेष, हाल के महीनों में जो भी मासूम बच्चे बनारस से अगवा किए गए थे वह सभी बरामद कर लिए गए हैं।