अर्दली बाजार स्थित विंध्यवासिनी नगर कालोनी में आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने चित्रकूट लीला का वर्णन किया। इसमें उन्होंने सबरी और अहिल्या प्रसंग में भगवान और भक्त के संवाद को सुनाया तो श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कहा कि जिसका कोई गुरु नहीं, उसका जीवन शुरू नहीं हो पाता है। ऐसे में जीवन में गुरु का बड़ा महत्व होता है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी संपूर्ण मानस में गुरु की महिमा का बखान किया है। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि जैसे माता सबरी और अहिल्या ने सदियों तक भगवान की प्रतीक्षा की और प्रभु श्रीराम ने उन्हें दर्शन देकर धन्य कर दिया, वैसे ही भगवान को पाने के लिए मन में ललक और प्यास होनी चाहिए। इस मौके पर आयोजक आशुतोष प्रताप सिंह, डॉ संजय सिंह राठौर, वीरेंद्र दुबे, किशन चौबे, विष्णु रघुवंशी सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।