कालाष्टमी पर 10 जनवरी को काशी के अष्टभैरव पूजे जाएंगे। काशी के आठ भैरव मंदिरों में नेमी भक्त दर्शन-पूजन के साथ ही विविध अनुष्ठान करेंगे। कई भक्त व्रत रखकर बाबा भैरव की पंचोपचार, दशोपचार और षोडशोपचार विधि से पूजन करेंगे। बाबा का शृंगार करके उनको धूप-दीप, नैवेद्य, ऋतुपुष्प, ऋतुफल अर्पित करके उड़द की दाल से बने वड़े, इमरती एवं अन्य भोग लगाएंगे। ज्योतिषविद विमल जैन के अनुसार माघ माह की कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि 10 जनवरी सुबह 8:25 बजे से 11 जनवरी सुबह 10:21 बजे तक रहेगी। इस दिन शिवस्वरूप भैरव जी की पूजा-अर्चना व व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। भैरव की महिमा में श्रीभैरव चालीसा, श्रीभैरव स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी रहता है।