देश में ओमिक्रॉन वेरियंट का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जिले में स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। इस बीच बीएचयू के सेंटर फॉर जेनेटिक डिसऑर्डर के प्रोफेसर परिमल दास के नेतृत्व में एक अध्ययन में बताया गया है कि पहले से संक्रमित या टीकाकरण कराने वाले व्यक्तियों में ओमिक्रॉन का संक्रमण तेजी से फैल सकता है। अध्ययन के माध्यम से लोगों को इससे बचाव के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की गई है। प्रो. परिमल दास ने बताया कि यह एक कंप्यूटर बेस्ड अध्ययन है। बायो इंफॉर्मेटिक्स सीओवी2 के ओमिक्रॉन वेरियंट के अध्ययन के बाद पता चला कि ओमिक्रॉन वेरियंट डेल्टा एवाई1 और एवाई2 वेरियंट की तुलना में एसीई2 रिसेप्टर के साथ अधिक बॉन्डिंग दिखाता है। यह भी पता चला कि साधारण वेरियंट और डेल्टा एवाई1 और एवाई2 की तुलना में ओमिक्रॉन का आरबीडी रीजन मानव मोनोक्लोनल एंटीबॉडी से कम संपर्क में आता है। बताया कि यह अध्ययन छह दिसंबर को बायो आर्काइव में प्रकाशित हो चुका है। इसमें शोध छात्र प्रशांत रंजन, नेहा, चंद्रा देवी और कविप्रिया शामिल हैं।