गाजीपुर के डीएम और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर
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19 में सेे 17 मांगें पूरी होने के बाद इस्तीफा की धमकी देने और धरना की घोषणा करने वाले पिछड़ा व दिव्यांग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर केतेवर सीएम से मुलाकात के बाद नरम पड़ गए। उन्होंने चार जुलाई को गाजीपुर में प्रस्तावित धरना रद्द कर दिया गया है।
चकरोड की पैमाइश करने वाले लेखपाल व कानूनगो को भी सीएम के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। डीएम को हटाने के मामले में राजभर ने कहा कि अब इस पर सीएम ही निर्णय लेंगे।
गाजीपुर के डीएम संजय कुमार खत्री के व्यवहार से आहत ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के बुलावे पर ओमप्रकाश सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने एनेक्सी पहुंचे थे। सीएम के साथ उनकी करीब 35 मिनट तक बातचीत हुई।
वहां से निकलने केबाद ओमप्रकाश ने कहा कि सीएम को उन्होंने अपनी उन19 मांगों की सूची सौंपी थी, जो डीएम गाजीपुर केस्तर पर लटकाई गई थी। उन्होंने बताया कि हमारी सभी मांगें समाज के पिछड़े व दलित लोगों को न्याय दिलाने से संबंधित थीं।
जिसपर सीएम ने भी सहमति जताई है और 19 में सेे 17 का निस्तारण भी करा दिया है। दो अन्य मांगों का भी जल्द निस्तारण कराने का निर्देश जिला प्रशासन को दे दिया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह बिना किसी सक्षम अधिकारी के ही चकरोड की पैमाइश करने वाले लेखपाल व कानूनगो को भी सीएम के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है।
इसलिए अब सरकार से मेरी कोई शिकायत नहीं है। ओमप्रकाश का कहना था कि सीएम मेरे कैप्टन हैं और मैं उनका प्लेयर हूं। इसलिए अब किसी तरह का गिला-शिकवा नहीं हैं। उन्होंने कहा अब चूंकि धरना निरस्त कर दिया गया है, लिहाजा मंगलवार को होने वाली कैबिनेट में शामिल होंगे।