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Varanasi News: विवादित पंचायत भवन की जांच के लिए पहुंचे अधिकारी

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विशुनपुरा। प्रधान की शिकायत पर पंचायत भवन पर पूर्व प्रधान के कब्जे की जांच के लिए शनिवार को अधिकारियों की टीम गांव मालीपुर पहुंची। दोनों अधिकारियों ने विवादित पंचायत भवन की जांच की। हालांकि टीम अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। जांच जारी है।
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ब्लाक नगरा अंतर्गत मालीपुर ग्राम पंचायत की प्रधान अर्चना यादव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पंचायत भवन पर पूर्व प्रधान द्वारा अवैध कब्जा किए जाने और इसे खाली कराने की गुहार लगाई थी। जिलाधिकारी ने जिला पंचायतीराज अधिकारी यतेंद्र सिंह और एसडीएम न्यायिक इंद्रभान तिवारी को पंचायत भवन की जांच के लिए नामित किया था। शनिवार को दोनों अधिकारियों विवादित पंचायत भवन की जांच की।
उन्होंने ग्रामीणों, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी एवं वर्तमान सहायक विकास अधिकारी पंचायत, पूर्व ग्राम प्रधान, वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि तथा पूर्व प्रधान शिवरतन यादव के पुत्र का लिखित बयान दर्ज किया। ग्रामीणों ने विवादित भवन को सिरे से खारिज करते हुए उक्त भवन को पंचायत भवन मानने से इंकार कर दिया।
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पूर्व प्रधान दयालाल ने कहा कि पंचायत भवन कहां है, उन्हें नहीं मालूम। मेरी बैठक हमेशा प्राथमिक विद्यालय में हुआ करती थी। वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि संतोष यादव ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण तीन माह से कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि पंचायत भवन के अंदर लगे कंप्यूटर सिस्टम से डोंगल द्वारा भुगतान होना है। पंचायत भवन का पता ही नहीं है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने कहा कि मेरे द्वारा बनवाया पंचायत भवन यही है। जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने कहा कि रिकार्ड के अनुसार इस ग्रामसभा में पंचायत भवन बना है। कथित पंचायत भवन का स्वरूप बदला गया है।
एसडीएम न्यायिक इंद्रभान तिवारी ने कहा कि भवन का नक्शा, भवन के प्रस्ताव, स्थान को अभिलेखों के आधार पर चिन्हित करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। नक्शे से यह कहीं से पंचायत भवन नहीं लग रहा है। पूर्व प्रधान के पुत्र विनय यादव ने बताया कि अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद सिंह मेरे मकान को ही पंचायत भवन बता रहे हैं। इसे पंचायत भवन बताया जा रहा है। वह मेरी निजी की भूमि में बना मेरा निजी मकान है। विदित हो कि वर्तमान प्रधान अर्चना देवी ने 2006-07 में बने पंचायत को खोजने की मांग की थी। उक्त भवन डीह की आराजी यानी पूरी बस्ती के बीच बना है।
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