मंगला गौरी के जन्मोत्सव पर विविध अनुष्ठान हुआ। महंत नारायण गुरु ने माता का शृंगार कर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया। 51 कन्याओं का पूजन किया। महंत ने सुबह मां को पंचामृत से स्नान कराकर 11 तरह के पुष्पों से शृंगार किया। मंगला आरती के बाद दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। भंडारे में हजारों भक्ताें ने प्रसाद ग्रहण किया। जागरण में महिलाओं ने सोहर, पचरा, देवी गीत, चैती आदि मंगल गीतों के जरिये माता का बखान किया। रात में 12 बजे गिरीश पांडेय ने महाआरती की। इस दौरान कुंदन उपाध्याय, नरेंद्र पांडेय, आशीष दुबे, उमेश केशरी, सौरभ पांडेय, दीपक मौजूद रहे। संवाद