ज्ञानपुर। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस साल रिकार्ड डेंगू मरीज मिल रहे हैं। शनिवार को एक बार फिर छह नए मिले। जिससे मरीजों की संख्या बढ़कर 265 तक पहुंच गई। वहीं 530 मरीजों में डेंगू के संदिग्ध लक्षण मिल चुके हैं। सभी मरीजों की निगरानी आरआरटी कर रही है। विभाग के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
कालीन नगरी में बीते साल 101 डेंगू मरीज मिले थे, जो बीते कई सालों से अधिक थे। जिसके बाद से ही इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले से ही पुख्ता तैयारियों का दावा कर रहा था। विभाग की लाख तैयारियों के बाद भी इस बार भी डेंगू मरीजों पर लगाम नहीं लग पाया। शनिवार को औराई, गोपीगंज, घोसिया, नईबाजार से छह व्यक्तियों में डेंगू की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली। जिसके बाइ इस साल मरीजों की संख्या 265 पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। मरीजों की निगरानी रैपिड रेस्पांस टीमों की ओर से की जा रही है। इसके अलावा मरीज के घर से 50 घरों तक दवा का छिड़काव कराया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी राम आसरे पाल ने बताया कि छह व्यक्ति की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। सभी की स्थिति सामान्य है।
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जिला चिकित्सालय में अब 24 घंटे हो सकेगी डेंगू-मलेरिया की जांच-इमरजेंसी में 24 घंटे मिलेगी ब्लड जांच की सुविधा
-लैब टेक्निशियन की तैनाती और किट रखे जाने पर चल रहा मंथन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में अब 24 घंटे डेंगू, मलेरिया की जांच हो सकेगी। इसके लिए इमरजेंसी में लैब कर्मचारी की तैनाती करने के साथ ही किट इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा लैब का समय भी बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में दोनों में से एक विकल्प पर मंथन चल रहा है। इमरजेंसी में 24 घंटे ब्लड जांच की व्यवस्था होने से 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी चिकित्सालयों का रूख नहीं करना होगा।
महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में हर दिन 800 से 900 लोगों की ओपीडी होने के साथ ही लगभग ढाई लाख लोगों के स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाता है। इन दिनों जिले में डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का संकट बढ़ गया है। जिले में अब तक रिकार्ड 265 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। स्थिति यह है कि ठंड बढ़ने के बाद भी संक्रामक रोगों का खतरा नहीं घटा है। जिसको ध्यान में रखकर अब जिला चिकित्सालय में 24 घंटे डेंगू-मलेरिया की जांच सुलभ हो सकेगी। जिला अस्पताल की ओपीडी दो बजे तक होती है। वहीं लैब की पर्ची 11 बजे तक काटी जाती है। जिससे 11 बजे के बाद अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों की ब्लड जांच सुलभ नहीं हो पाती थी। संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे के बीच ब्लड जांच की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। ब्लड जांच से मरीजों में डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों की पुष्टि होती है। 11 बजे लैब बंद होने के बाद मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में जांच कराना पड़ता है, लेकिन अब यह व्यवस्था अस्पताल की इमरजेंसी में भी होगी। स्वास्थ्य विभाग इमरजेंसी में लैब टेक्निशियन की तैनाती के साथ-साथ इमरजेंसी में किट की व्यवस्था किए जाने पर मंथन कर रहा है। दिसंबर माह से दोनों में से कोई एक सुविधा जिला अस्पताल में 24 घंटे के लिए शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा लैब की पर्ची कटवाने का समय भी एक घंटा बढ़ाकर 11 बजे की बजाय 12 बजे किया जाएगा। इससे 12 बजे के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी चिकित्सालयों का रूख नहीं करना होगा। सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि ब्लड जांच करने की प्रकिया चल रही है। जिसे लेकर व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जा रही है। इसी तरह लैब में ब्लड कलेक्ट करने लिए एक घंटे समय और बढ़ा दिया गया है।