बनारसी साड़ियां अब देश में तैयार रेशम के धागों से बनाई जाएंगी। बुनकरों व बनारसी साड़ी व्यापार से जुड़े व्यापारियों के लिए अब एक अच्छी खबर है। प्रदेश में रेशम का धागा तैयार करने के लिए 13 रीलिंग इकाइयां स्थापित करने के साथ वाराणसी में सिल्क एक्सचेंज डिपो भी खोला जाएगा। जहां बुनकरों को कर्नाटक में तैयार रेशम का धागा आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इसे लेकर बृहस्पतिवार को कर्नाटक के रेशम मंत्रालय के मंत्री डॉ. नारायण गौड़ा बनारस के बुनकरों व व्यापारियों से संवाद करेंगे। वाराणसी के बुनकरों को रेशम की आपूर्ति की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस दौरान 10 सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम भी रहेगी। बता दें कि कोरोना ने काशी की पहचान बनारसी साड़ी उद्योग की कमर तोड़ दी थी। कोरोना के चलते करघे थम गए थे और बुनकरों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया था। बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल ने बताया कि डिपो खुलने से साड़ी कारोबारियों और बुनकरों को बड़ी राहत होगी। लोगों को अब बंगलूरू नहीं जाना होगा, समय और धन की बचत भी होगी। वाराणसी सिल्क ट्रेड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वैभव अग्रवाल ने बताया कि यह बड़ी सहूलियत बनारस के साड़ी उद्योग से जुड़े लोगों के लिए है। एक तरह से संजीवनी ही मानिए।