जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में आधी-अधूरी जांच हो पा रही है। सबसे जरूरी थायरायड जांच के लिए पीड़ितों को मंडलीय अस्पताल भेज दिया जाता है। यहां भी मशीन लंबे समय से खराब है। इस कारण महिलाओं को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक चक्कर लगाना मजबूरी बन गई है।
डॉक्टर पैथालॉजी में खून से जुड़ी जांच लिखते हैं तो सारी जांच नहीं हो पा रही है। वर्तमान समय में यहां सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, यूरिया, क्रिएटिनीन, यूरिक एसिड की जांच तो हो रही है, लेकिन थायरायड की जांच ही नहीं हो पाती है। साथ ही आरएच फैक्टर की जांच भी नहीं होती है।
जांच लिखी पर्ची लेकर बैठी रहीं महिलाएं
जिला महिला अस्पताल में शनिवार को दोपहर में भी गर्भवती महिलाएं जांच स्लिप लेकर पैथालॉजी के बाहर कुर्सी पर बैठी रहीं। बाद में अंदर बुलाया गया तो पर्ची पर थायरायड जांच लिखा देख उनको मंडलीय अस्पताल जाने को कहा गया। वहां जाने पर भी पता चला कि मशीन लंबे समय से खराब पड़ी है।
थायरायड की जांच वाली मशीन का उपकरण खराब हो गया है। इसके लिए संबंधित कंपनी को अवगत कराया गया है। - डॉ. एसपी सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल