सुरजेवाला के अधिवक्ता का कहना है इस आदेश के बावजूद जो प्रति उपलब्ध कराई गई, उसमें बहुत कुछ पठनीय नहीं है। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई। बता दें कि संवासिनी प्रकरण में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आयुक्त कार्यालय में तत्कालीन युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
इस मामले में सुरजेवाला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। सुरजेवाला की तरफ से आरोप से डिस्चार्ज करने के लिए आवेदन देने के लिए आरोप पत्र व केस डायरी की पठनीय प्रति दिए जाने का अनुरोध अवर न्यायालय से किया था।