स्मार्ट सिटी, काशी-क्योटो समझौता, मेट्रो रेल और गंगा में जल परिवहन...। अलविदा साल ने जो सपने दिखाए, अब उन सपनों में नए रंग भरने के दिन हैं। काशी की धरा पर नए साल का सूरज कई नई उम्मीदें लेकर आया है। काशीवासी अपने शहर की तस्वीर बदलने के इंतजार में हैं। वो चाहते हैं कि काशी के लिए घोषित बड़ी-बड़ी योजनाएं धरातल पर उतरें लेकिन सबसे पहले उन्हें यहां की बुनियादी सुविधाओं में सुधार चाहिए। घर से बाहर कदम रखते ही जाम और गंदगी जैसी दुश्वारियों से सामना न हो। सड़कों पर गड्ढों का झटका न हो, बिजली-पानी की व्यवस्था बेहतर हो। सड़कों पर सीवर ओवरफ्लो न हो, बारिश में घर-गलियां, कॉलोनियां न डूबें।
जनता की चाहत
1. रोजाना उठे कूड़ा, सड़कों-गलियों में हो नियमित साफ-सफाई
2. शहर के पर्यावरण को बनाया जाए बेहतर, धूल-गंदगी से मिले निजात
3. यातायात जाम की समस्या का कराया जाए प्रभावी समाधान
4. सड़कें बदहाल न हों, गली-मुहल्लों की भी सड़कें हों दुरुस्त
5. बिना पूर्व सूचना के न तो ट्रैफिक डायवर्जन हो न हो सड़कों की खुदाई
6. सड़कों से अतिक्रमण हटें और पटरियां खाली कराई जाएं
7. सीवर और जलनिकासी के प्रबंध दुरुस्त कराए जाएं
8. घरों में स्वच्छ जलापूर्ति हो, नियमित सप्लाई में न आए व्यवधान
9. शहर के अनियंत्रित और अनियोजित विस्तार पर पूरी तरह अंकुश लगे
10. लोकल फाल्ट से बाधित न हो बिजली आपूर्ति, वितरण प्रणाली सुदृढ़ हो
योजनाएं, जिनके परवान चढ़ने का इंतजार
1. स्मार्ट सिटी योजना
2. काशी-क्योटो समझौता
3. हेरिटेज सिटी डेवलमेंट एंड ऑगमेंटेशन योजना (हृदय)
4. मेट्रो रेल परियोजना
5. प्रसाद योजना
6. अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत)
7. बौद्ध परिपथ विकास
8. बुनकर और हस्तशिल्प विकास से जुड़ी योजनाएं
9. नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (नमामि गंगे)
10. गंगा में जल परिवहन: हल्दिया से इलाहाबाद
नए साल में खास होंगी ये सौगातें
1. बहुप्रतीक्षित काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तार की योजना लेगी मूर्तरूप
2. धमेख स्तूप और कुछ गंगा घाटों पर लाइट एंड साउंड शो
3. प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ ही मंडुवाडीह, सिटी होंगे वाईफाई
4. जल परिवहन के लिए रामनगर में टर्मिनल निर्माण
5. जापान के सहयोग से नगर निगम के तिलक प्रेक्षागृह की जगह नया कन्वेंशन सेंटर
6. बुढ़वा मंगल और रामनगर की रामलीला विश्व धरोहर की सूची में होंगे शामिल