राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद के कार्यकारी बोर्ड में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी को शामिल किया गया है। नाजनीन अंसारी इससे पूर्व यूपी मदरसा बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं। 2013 में तीन तलाक के खिलाफ वाराणसी से मुस्लिम महिलाओं को लेकर उन्होंने पहली बार आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने हनुमान चालीसा और रामचरित मानस उर्दू में लिखी है। वर्ष 2024 में नाजनीन की उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद का सदस्य मनोनीत किया था। नाजनीन अंसारी ने कहा कि उर्दू भाषा के विकास के लिए जरूरी है कि भारत के महानायकों के बारे में उर्दू में लिखा जाए। रामचरितमानस, गीता को उर्दू में भी लिखा पढ़ा जाए। भारत की महान संस्कृति को उर्दू में भी पढ़ा जाए और हिंदी से मजबूत रिश्ता बने।