वाराणसी। नागरी नाटक मंडली में रविवार को नसीबांवाली नाटक ने स्त्री जीवन की कठिनाइयों और उनके निजी संकट को जीवंत किया। नाटक की मुख्य पात्र रानो विपरीत परिस्थितियों में भी अपनों की भलाई के लिए अनचाहे फैसले को मानने के लिए विवश की जाती है। कलाकारों ने मंच पर स्त्री के मानसिक द्वंद, भावना और कर्तव्य के बीच हो रहे टकराव को बड़ी रोचकता और संवेदशीलता के साथ प्रस्तुत किया। नागरी नाटक मंडली और भारतेंदु नाट्य अकादमी की ओर से 28वीं नवांकुर ग्रीष्मकालीन कार्यशाला के तहत नसीबांवाली का मंचन किया गया। राजिंदर सिंह बेदी के उपन्यास एक चादर मैली सी पर आधारित नाटक का निर्देशन एवं नाट्य लेखन प्रो. विभांशु वैभव ने किया। कलाकारों में मनी अवस्थी, गौरव मणि, मयंक कुमार, अरविंद कुमार, अमिषा जायसवाल, समृद्धि शुक्ला, सुहानी मौर्या, शिवांग शर्मा, खुशी कुमारी गुप्ता, आद्या मोहनानी, आशीष आर सिंह थे। सह निर्देशक राजेश्वर त्रिपाठी, प्रकाश परिकल्पना गोविंद सिंह यादव, सहायक राहुल सेन, आरव पाठक रहे। नाटक में डॉ. संजय मेहता, डॉ. अजीत सैगल, डॉ. राकेश मजूमदार, डॉ. रति शंकर त्रिपाठी, डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी और सुमन पाठक का सहयोग रहा। ब्यूरो