काशी कला कस्तूरी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. सिद्धि मंगलम ने बताया कि संगीत चिकित्सा एक वैज्ञानिक और प्रामाणिक पद्धति है। यह विभिन्न बीमारियों के इलाज में कारगर साबित होती है, खासकर लकवा और हार्मोन असंतुलन जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। डॉ. सिद्धि मंगलम ने डॉ. शबनम से संवाद में बताया कि उन्होंने तंत्रिका संबंधी और रीढ़ की हड्डी की चोट को संगीत चिकित्सा से ठीक किया है। आधुनिक चिकित्सा 70 फीसदी काम कर चुकी होती है। शेष सुधार संगीत चिकित्सा से आसानी से किया जा सकता है। अपने शोध के दौरान, डॉ. सिद्धि मंगलम ने चार रागों भैरव, अहीर भैरव, चंद्रकौंस और मालकौंस का प्रयोग किया। इन रागों के उपयोग से लकवाग्रस्त मरीजों में सुधार देखा गया। रागों का तालबद्ध व्यवहार रोगी के मन और मस्तिष्क पर काम करता है, जिससे मरीज बेहतर महसूस करते हैं। अवसाद के मरीजों को भी फायदा होता है।