वार्ता के दौरान ही यह संज्ञान में आया कि कुछ दुकानदारों को श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण के समय मुआवजा मिल चुका है। लेकिन वो अब भी घाट पर अवैध कब्जा कर काबिज हैं। ऐसे दुकानदारों को चिह्नित करने के लिए ही शुक्रवार को पैमाइश हुई। प्रवर्तन दल की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निगम के अधिकारी आगे की कार्रवाई करेंगे।