2014 के बाद 2020 के जनवरी महीने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ पूर्वांचल में पहली बार मऊ जिले के दक्षिणटोला थाने में मुकदमा दर्ज किया अनुराग ने अपने कार्यकाल के दौरान मऊ में मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े 26 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कराई।
माफिया मुख्तार अंसारी पर कार्रवाई की बात आती है तो मौजूदा समय में आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य का नाम पूर्वांचल के लोगों की जुबान पर सबसे पहले आता है। आईपीएस अनुराग आर्य ने 2019-20 में मऊ के पुलिस अधीक्षक के तौर पर मुख्तार अंसारी और उसके गिरोह के खिलाफ अभियान चलाकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी।
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वर्ष 2014 के बाद 2020 के जनवरी महीने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ पूर्वांचल में पहली बार मऊ जिले के दक्षिणटोला थाने में मुकदमा दर्ज किया अनुराग ने अपने कार्यकाल के दौरान मऊ में मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े 26 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कराई। मुख्तार अंसारी के शॉर्प शूटर अनुज कन्नौजिया का चिरैयाकोट क्षेत्र स्थित घर गैंगस्टर एक्ट के तहत ढहवा दिया। मऊ में संचालित अवैध स्लाटर हाउस बंद करवाए। इसके बाद पूरे पूर्वांचल में मुख्तार अंसारी और उसके गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।
2013 बैच के आईपीएस अनुराग आर्य मूल रूप से बागपत जिले के छपरौली के रहने वाले हैं। वाराणसी स्थित बीएचयू से बीएससी की पढ़ाई करने वाले अनुराग आर्य आजमगढ़ से पहले प्रतापगढ़, मऊ, बलरामपुर और अमेठी जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। उससे पहले वह प्रशिक्षण अवधि के दौरान गाजियाबाद, वाराणसी और कानपुर जिले में तैनात रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा में चयनित होने से पहले आईपीएस अनुराग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर की पोस्ट के लिए सेलेक्ट हुए थे। आईपीएस अनुराग की स्कूलिंग देहरादून के इंडियन मिलिट्री स्कूल से हुई। घुड़सवारी, पर्वतारोहण और राफ्टिंग से आईपीएस अनुराग का लगाव जगजाहिर है।