मुख्तार अंसारी को पहली बार उम्रकैद की सजा
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इससे पहले दिल्ली, लखनऊ और गाजीपुर की अदालतें भी मुख्तार अंसारी को सजा सुना चुकी हैं। अदालत में मुख्तार के अधिवक्ता आदित्य वर्मा ने कहा कि अभियुक्त बुजुर्ग और बीमार है। अभियुक्त को न्यूनतम दंड से दंडित किया जाए। वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास है। अवधेश राय की हत्या दिनदहाड़े किया जाना साबित है और यह दुर्लभ से दुर्लभतम केस की श्रेणी में आता है। ऐसे में अभियुक्त को अधिकतम दंड से दंडित किया जाए।
अजय राय ने अदालत की चौखट पर मत्था टेका
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एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोपहर 12:05 बजे मुख्तार को दोषी ठहराया, फिर लंच के बाद सजा सुनाने का एलान किया। अदालत ने लगभग सवा दो बजे मुख्तार अंसारी को उम्र कैद की सजा सुनाई तो कोर्ट परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। कोर्ट रूम से बाहर निकलने के दौरान मामले के मुख्य गवाह अजय राय ने अदालत की चौखट पर मत्था टेका और कहा कि तीन दशक से ज्यादा लंबे संघर्ष के बाद सत्य और न्याय की जीत हुई है। इसलिए न्यायपालिका को दंडवत प्रणाम कर हृदय से आभार जताया है।
अवधेश राय हत्याकांड में फैसला 31 वर्ष 10 महीने दो दिन बाद फैसला है। इस पर पीड़ित अवधेश राय की बेटी हनी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने दिवंगत पिता के चित्र पर माल्यार्पण किया। साथ ही कहा कि बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया था। अदालत का फैसला स्वागतयोग्य है।
इसी 30 जून को को मुख्तार अंसारी 60 वर्ष का होने वाला है। उसका जन्म 30 जून 1963 को हुआ था। 60वें जन्मदिन से 25 दिन पहले यानी सोमवार को ही वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अवधेश राय हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है।