इनमें से आठ मुकदमे हत्या के आरोप से संबंधित हैं। मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्या का आखिरी मुकदमा बीते जनवरी महीने में 22 वर्ष पुराने उसरी चट्टी हत्याकांड को लेकर दर्ज किया गया। उसरी चट्टी हत्याकांड में मारे गए ठेकेदार मनोज राय के पिता शैलेंद्र राय ने मुख्तार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
माफिया मुख्तार अंसारी की विधायकी भी जेल में बीती है। मऊ सदर सीट से तीन बार लगातार वर्ष 2002 से 2017 तक विधायक रहा, लेकिन इस दौरान वह जेल से बाहर नहीं आया। इस दौरान वह जेल में रहते हुए वह चुनाव लड़ा और विधायक बना। वर्ष 1996 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचने वाले मुख्तार ने 2002, 2007, 2012 और फिर 2017 में भी बसपा के टिकट पर मऊ सदर सीट से जीत हासिल की। इनमें से 2007, 2012 और 2017 के चुनाव उन्होंने जेल में रहते हुए लड़ा।
अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी दोषी करार
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बांदा जेल में कैद मुख्तार अंसारी को पहली बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इससे पहले उसे अधिकतम 10 साल की सजा मिली थी। बीते आठ महीने 15 दिन में उसे छह मुकदमों में सजा सुनाई जा चुकी है। मुहम्मदाबाद के फाटक निवासी मुफ्तार अंसारी चार दशक से जरायम की दुनिया में है। इस दौरान कई चर्चित आपराधिक घटनाओं में मुख्तार अंसारी का नाम आया।
मुख्तार अंसारी अपने दोनों बेटों के साथ
पूर्वांचल में कभी जिस मुख्तार अंसारी के इशारे पर सरकारें अपना निर्णय बदल लेती थी, आज उसी मुख्तार का बना बनाया हुआ साम्राज्य ढह रहा है। ये सिलसिला बीते छह-सात वर्षों में तेज हुआ है। एक-एक कर उसके खासमखाश मारे मुठभेड़ में ढेर हुए। पिछले छह-सात साल में अंतरराज्यीय गिरोह सरगना मऊ सदर विधायक मुख्तार को जितनी चोट पहुंची, उतना कभी भी वह नहीं पाया था। आर्थिक तौर पर चोट पहुंचाने के साथ ही उसके कई भरोसेमंदों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया तो कोई आपसी गैंगवार में मारा गया। अब उसके करीबी भी गायब हो गए हैं।
मुख्तार का विधायक बेटा अब्बास और बहू निहत अंसारी जेल में है। पत्नी और छोटा बेटा फरार चले रहे हैं। हाल ही में बड़े भाई व गाजीपुर के सांसद रहे अफजाल अंसारी को 10 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है।