गाजीपुर कोर्ट के बाहर भारी सुरक्षा
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शनिवार को गाजीपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में मुख्तार की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराई गई। अफजाल अंसारी कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट का फैसला आते ही पुलिस ने कार्रवाई की। अफजाल अंसारी को गाजीपुर जिला जेल भेज दिया गया। गाजीपुर एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि जेल में सुरक्षा के सारे प्रबंध है। उन्हें जेल में पूरी सुरक्षा दी जाएगी। पूरे जनपद में पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। कानून व्यवस्था बनी रहेगी। स्थिति बिल्कुल ठीक है।
अब्बास अंसारी 2022 के विधानसभा चुनाव में अचानक तब चर्चा में आए जब एक चुनावी सभा में सरकार बनने के बाद अधिकारियों से हिसाब-किताब करने वाली बात कही थी। बयान का वीडियो वायरल हुआ था। हेट स्पीच में मुकदमा दर्ज हुआ था। विधायक बनने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग केस में पिछले साल ही कई माह की लुका छुपी के बाद अब्बास की गिरफ्तारी ईडी ने की थी। चित्रकूट जेल से पत्नी निखत की गिरफ्तारी हुई। यह प्रकरण खासा चर्चा में आया था। गिरफ्तारी के बाद निखत को जहां चित्रकूट जेल में ही रखा गया। वहीं अब्बास अंसारी कासगंज जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
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मुख्तार से पहले उसके परिवार में आपराधिक पृष्ठभूमि का कोई नहीं था। उसके परिवार की गिनती बड़े राजनैतिक घराने के रूप में होती थी। अतीत के पन्नों पर नजर डालें तो ताज्जुब होता है कि इतने बड़े परिवार के सदस्य की इतनी कुख्यात छवि। मुख्तार के दादा डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वह गांधी जी के साथ हमेशा खड़े रहे और 1926-27 में कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे।
मुख्तार अंसारी के नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को 1947-48 की लड़ाई में मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। गाजीपुर में साफ. सुथरी छवि रखने वाले और कम्युनिस्ट बैकग्राउंड से आने वाले मुख्तार के पिता सुब्हानउल्ला अंसारी स्थनीय राजनीति में प्रभावी और प्रतिष्ठित नाम थे।